स्टाफ के प्रयास से और भामाशाहों, दानदाताओं व विद्यार्थियों के सहयोग से बदली शाला की फिजां

पीलीबंगा. रामपुरा के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने भामाशाहों, दानदाताओं व विद्यार्थियों के सहयोग से शाला का सौंदर्यकरण व विकास करवा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया। शाला में शिक्षा की उच्चतर गुणवता व विकास को देखकर ग्रामीण अपने बच्चों को निजी स्कूलों से हटाकर प्रवेश दिला रहे हैं | इससे शाला में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष करीब 120 अतिरिक्त नामांकन हुए।
शिक्षकों के प्रयासों से शाला के सौंदर्यकरण व विकास को लेकर बुगलांवाली के प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार शर्मा, मेघराज सहारण की पत्नी संतोष सहारण सूरतगढ़ सहित शाला स्टाफ व अन्य दानदाताओं ने पंखे, ग्रीन बोर्ड, फर्नीचर व विद्युत का सामान आदि दान में दिए। इन सभी पुण्यार्थ कार्यों के लिए वरिष्ठ अध्यापक मेघराज सहारण ने दानदाताओं को प्रेरित किया। शाला के विकास एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा और गत दो वर्षों से शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। इसके अलावा शाला में हरियाली की दृष्टि से बाग बगीचे, दूब, हरे वृक्ष लगाकर पर्यावरण को भी सुरक्षित करने का बीड़ा उठाया। शिक्षकों की प्रेरणा से शाला के कक्षा 10 व 12 के विद्यार्थियों ने अपनी जेब खर्च के पैसे बचाकर शाला के विकास में योगदान के लिए आर्थिक सहयोग दिया।
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