ट्रकों पर लगी रेडियो चिप से जुड़ेंगे ई-वे बिल, हर जगह नहीं रोक सकेंगे अफसर


जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों को राहत देने का प्रयास हुआ है। ई-वे बिल के कारण सड़कों पर एक बार ट्रकों की जांच के लिए व्यापारियों को हो रही परेशानी और इंसपेक्टर राज को देखते हुए काउंसिल ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसमें तय किया गया है कि ट्रकों पर लगने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) चिप को जीएसटी के नेटवर्क जीएसटीएन से भी लिंक किया जाएगा। इसके लिए जीएसटीएन, विधि विभाग एवं परिवहन विभाग विचार कर आपस में तय करेंगे कि किस तरह से इसे लिंक किया जाए, जिससे जगह-जगह वाहनों को रोकने की जरूरत नहीं हो। अधिकारी आरएफआईडी रीडर से टोल पर ही या फिर सड़क पर खड़े होकर केवल कार्ड को स्कैन कर ही वाहन के ई-वे बिल की जानकारी हासिल कर लेंगे। इसे लागू करने में छह महीने लग सकते हैं। 
पैनल्टी भरने के लिए मिलेंगे 14 दिन

अभी ई-वे बिल में कोई गलती होने पर पैनल्टी भरने के लिए केवल सात दिन का समय मिलता है। इसे बढ़ाकर 14 दिन किया जाएगा। इसके लिए काउंसिल सूचना जारी करेगी। सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों (एमएसएसई) की समस्याओं को दूर करने के लिए 4 अगस्त को जीएसटी काउंसिल की विशेष बैठक होगी।
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