नाबालिग की बरामदगी की मांग पर थाना घेरा, 2 घंटे तक लगाया जाम, वार्ता में भी नहीं माने, क्रमिक अनशन शुरू


पीलीबंगा| विगत 22 जनवरी को कस्बे के वार्ड 24 से बहला फुसलाकर ले जाई गई 14 वर्षीय नाबालिगा की बरामदगी नहीं होने व आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित दलित समाज के लोगों ने मंगलवार को भाकपा के नेतृत्व में पीलीबंगा पुलिस थाने का घेराव कर हनुमानगढ़-सूरतगढ़ फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम 11 से 1 बजे तक चला। वहीं प्रदर्शनकारियों ने नाबालिगा की 65 वर्षीय बीमार दादी को थाने के गेट के आगे सुला दिया। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद समझाइश पर उसे वहां से उठाकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। इसके बाद हुई वार्ता में भी आंदोलनकारी नहीं माने और वार्ता के बाद थाने के समक्ष टैंट लगाकर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन प्रारंभ कर दिया। अनशन पर नाबालिग बच्ची के परिजन भी बैठे। इससे पूर्व सभी प्रदर्शनकारी पुलिस व सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में थाने के समक्ष पहुंचे। प्रदर्शनकारियों द्वारा थाने के आगे सड़क के दोनों तरफ धरना देकर सड़क को बंद कर दिए जाने से बसों में सफर कर रहे यात्रियों को भयंकर गर्मी के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस चालकों द्वारा यात्रियों को गोलूवाला तिराहे पर ही उतार दिया गया। जिससे महिला यात्रियों को अपने छोटे छोटे बच्चों को गोद में उठाकर गोलूवाला तिराहे से अपने घरों व बस स्टैंड तक पैदल ही जाना पड़ा। इस दौरान पुलिस द्वारा थाने के मुख्य गेट के आगे बेरिकेट्स लगाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। 
 
सभा में वक्ता बोले-पुलिस को आंदोलन और प्रदर्शन की ही भाषा समझ आती है 
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के जिलाध्यक्ष कामरेड मनीराम मेघवाल, कामरेड रामेश्वर वर्मा, चंद्रकला वर्मा, पूर्व उपप्रधान कमला मेघवाल व जनता ट्रैक्टर ट्राली यूनियन के प्रधान शेर सिंह, लेबर एंड पल्लेदार यूनियन अध्यक्ष शेर सिंह, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष बग्गा सिंह गिल, सुभाष चौरा आदि ने सभा को संबोधित करते हुए पुलिस पर मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को अब आंदोलन व प्रदर्शनों की भाषा ही समझ आती है। वक्ताओं ने कहा कि 6 जुलाई को गांव सरामसर की दलित नाबालिग बच्ची जो पिछले 12 दिनों से घर से गायब है। उसका भी पुलिस आज तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है। सभा को सीटू से जुड़े विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। 
नाबालिग की बीमार दादी को थाने के गेट के आगे सुलाने से पुलिस के हाथ-पांव फूले 
डीवाईएसपी भंवरलाल व थाना प्रभारी विष्णु खत्री ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य रामेश्वर वर्मा, मनीराम मेघवाल, सीटू के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह, बग्गा सिंह गिल, जनवादी महिला समिति की प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, पूर्व उपप्रधान कमला मेघवाल, शेर सिंह से बुजुर्ग महिला को गर्मी में न सुलाने का आग्रह किया। जिसके बाद इन नेताओं की समझाइश पर बुजुर्ग महिला को तो 108 एंबुलेंस से अस्पताल भिजवा दिया गया परंतु प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। इसके बाद पहले डीवाईएसपी ने थाने के आगे धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर एवं पुन: थाना प्रभारी के कार्यालय में डीवाईएसपी व थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर उन्हें प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई से अवगत करवाते हुए कुछ दिनों का समय और देने की बात कही परंतु प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने कहा कि विगत 6 जुलाई को भी उनके द्वारा इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया गया था। तब पुलिस ने उन्हें 5 दिवस का आश्वासन दिया था परंतु अब घटना के 6 माह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण जब तक पुलिस दोनों को पकड़ नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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