होली फागोत्सव का शुभारंभ

पीलीबंगा| चंग की थाप पर झूमते होली के रसिया। मौसम बदलाव और राजस्थानी इतिहास से रूबरू करवातीं धमालें पेश करते लोक कलाकार और नृतकी बने पुरुष। मंडली का मकसद मोबाइल संस्कृति की चकाचौंध में बिसराए जा रहे लोक त्योहारों और राजस्थानी संस्कृति को बढ़ावा देना रहा है जो इसी तरह जारी रहेगा।कार्यक्रम में गाई जाने वाली धमालें जहां मौसम परिर्तन के बारे में बताती हैं तो वहीं राजा महाराजाओं के इतिहास का भी परिचय देती हैं। इनमें राजाबल के दरबार में मची होली रे और उड़ती पूर्वइया संदेशो म्हारो लेती जाइयो और रुत आई रे पपीहा तेरे बोलण की और रंग झीणौ रै राठौड़ा थारी महफिल रो आदि लोक गीत राजस्थान के मौसम और इतिहास की जानकारी देते हैं।
पीलीबंगा सांग समिति द्वारा होली फागोत्सव का शुभारंभ रविवार रात पुरानी धानमंडी में मदनलाल बंसल के प्रतिष्ठान के समक्ष किया गया। समिति के हनुमान प्रसाद सारस्वत, प्रदीप बोथरा, प्रदीप दुग्गड़, रामकुमार कासनिया आदि ने धमाल गाकर फागोत्सव का लुत्फ उठाया।
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