औषधीय पौधे लगाएं, 75 फीसदी तक मिलेगी सब्सिडी, प्रशिक्षण भी देगी सरकार


राज्य में आयुर्वेदिक दवाओं की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार किसानों के लिए अच्छी योजना लाई है। इसके तहत आयुर्वेदिक दवाओं में काम आने वाले औषधीय पौधे लगाने वाले किसानों को 30 से 75 फीसदी तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। 
मिट्‌टी और पानी की जांच करेंगे : औषधीय पौधे की खेती करने के इच्छुक किसानों के खेत की पहले मिट्टी-पानी की जांच की जाएगी। अगर वह मिट्‌टी और पानी औषधीय पौधे लगाने के लिए उचित है तो ही मामला आगे बढ़ेगा। इस खेती के लिए कम से कम दो हैक्टेयर जमीन होना जरूरी है और एक हैक्टेयर में 1100 पौधे लगाने जरूरी होंगे। किसानों को उनके उत्पादन की बिक्री के लिए बोर्ड की ओर से बायर-सेलर कार्यक्रम करवाया जाएगा। 
स्वयं सहायता समूह बनाना होगा राजस्थान स्टेट मेडिसनल प्लांट बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. आई.के. जैन ने बताया कि औषधीय पौधों की खेती करने के इच्छुक किसानों को पहले स्वयं सहायता समूह बनाना होगा। इस समूह के नाम से आवेदन कर सकेंगे, जिसमें उल्लेख करना होगा कि खेत में किस दवा के पौधे लगाने जा रहे हैं। इसके साथ शपथपत्र देना होगा कि किसी अन्य संस्था से सब्सिडी नहीं ली है। समूह के नाम से बैंक खाता खोलकर खाते का एक कैंसल चेक आवेदन के साथ लगाना होगा। इसके बाद मेडिसनल बोर्ड के अधिकारी मौके का मुआयना कर रिपोर्ट देंगे। सब कुछ अनुकूल होने पर बैंक खाते में सब्सिडी आ जाएगी और किसान काम शुरू सकेंगे। इन किसानों को बोर्ड के विशेषज्ञों की ओर से तकनीकी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और कीट व रोग की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए बेवसाइट e-charak.in पर देख सकते हैं।
पौधों पर सब्सिडी की दर अलग-अलग
आयुर्वेद विभाग भरतपुर में अतिरिक्त निदेशक वैद्य घनश्याम शर्मा ने बताया कि वे संभाग के किसानों को इस तरह की खेती के प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न तरह की दवाओं वाले पौधों की खेती करने पर अलग-अलग मात्रा में सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी लेकर किसान बीज और खाद खरीदकर खेती की तैयारी कर सकेंगे।
75 फीसदी सब्सिडी : वत्सनाभ, अतीश, दारु हल्दी, गूगल, जटामासी, कुटकी, रक्तचंदन और चिरायता के पौधे लगाने पर। 
50 फीसदी सब्सिडी : अकरकरा, पीला चंदन, काली मूसली और फलीहारी के पौध लगाने पर। 
30 फीसदी सब्सिडी : घृत कुमारी (एलोविरा), नीम, ब्राह्मी, सनाय, सफेद मूसली, तुलसी पत्र और दालचीनी की खेती करने पर 30 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाती है। 
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