10 और कॉलेजों ने खींचे एमबीए से हाथ
मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों में स्टूडेंट की लगातार घटती रुचि के कारण इस साल प्रदेश में 10 कॉलेजों ने एमबीए से हाथ खींच लिए हैं। इससे मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों की 1,450 सीटें कम हो गई हैं। शैक्षणिक सत्र 2014-15 में कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमेट) के जरिए एमबीए व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम) में एडमिशन देने के लिए 85 कॉलेजों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 6,500 सीटें हैं। पिछले साल शैक्षणिक सत्र 2013-14 में 95 कॉलेजों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 7,950 सीटें थीं। शैक्षणिक सत्र 2013-14 में 21 कॉलेज कम होने से 1,440 सीटें कम हो गई थीं। प्रदेश में दो साल में तेजी से मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों की सीटें घटी हैं। दो साल में 31 कॉलेजों की 2,890 सीटें कम होना दर्शाता है कि स्टूडेंट्स अब मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों में कम इंटरेस्ट ले रहे हैं। एमबीए व पीजीडीएम में एडमिशन के लिए कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख चार अप्रैल थी। रजिस्टर्ड कॉलेजों की छह अप्रैल को टेक्सटाइल कॉलेज में ट्रेनिंग होगी। सीमेट स्टेट कॉर्डिनेटर व एमएलवी गवर्नमेंट टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. डीएन व्यास ने बताया कि रजिस्टर्ड 85 कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि प्रदेश के सभी गवर्नमेंट व प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में सीमेट के जरिए ही एडमिशन होते हैं।
दो साल में घटे 31 कॉलेज व 2,890 सीटें
वर्ष कॉलेज सीटें
2012-13 116 9,390
2013-14 95 7,950
2014-15 85 6,500
दो साल में घटे 31 कॉलेज व 2,890 सीटें
वर्ष कॉलेज सीटें
2012-13 116 9,390
2013-14 95 7,950
2014-15 85 6,500
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