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पर्युषण आत्म जागृति का पर्व

पीलीबंगा। पर्युषण पर्व आत्म जागृति का पर्व है। इससे मन पवित्र व विचार शुद्ध होते हैं। साध्वी सोमलता
ने शुक्रवार को जैन भवन में यह बात कही। साध्वी ने पर्युषण का महत्व बताते हुए भोजन संबंधी कुछ
नसीहतें दीं।
इससे पूर्व साध्वी शकुंतला कुमारी ने भजन के माध्यम से पर्युषण का महत्व बताया। सरस प्रभा ने
खाद्य संयम पर सरस गीत सुनाया। कार्यक्रम में संचित यशा, सुशीला नाहटा व प्रेम नाहटा ने भी विचार
व्यक्त किए।
नोहर. जैन साध्वी संयम प्रभा ने शुक्रवार को आठ दिवसीय पर्युषण पर्व समारोह का शुभारम्भ किया।
उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व आत्मशुद्धि का पर्व है। खाद्य संयम दिवस पर उन्होंने कहा कि खाने के लिए
जीना गलत है बल्कि जीने के लिए खाना चाहिए। आहार व गुस्से पर नियन्त्रण रखना जरूरी है। साध्वी
डॉ. उज्वल यशा ने सात्विक व संतुलित आहार तथा साध्वी शशिकला ने भी प्रवचन दिए। इसी के साथ
यहां जैन भवन में अखण्ड जप शुरू हो गया। यह दो सितम्बर तक चलेगा।

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