संकीर्ण सोच की राजनीति से देश हो रहा बर्बाद

पीलीबंगा. संकीर्ण सोच एवं ओछी राजनीति ने देश को बरबादी के कागार पर ला दिया। धर्म व जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाकर राजनेता अपनी स्वार्थ सिद्धि कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका का चेंजमेकर महाभियान राजनीति के छिछलेपन को दूर कर समाज को स्वच्छ बनाने में अपना महत्ती भूमिका निभाएगा। डींगवाला में शनिवार को राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर महाभियान के तहत विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच हुई चर्चा में शिक्षाविद् दलीप पंवार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में फैले भ्रष्टाचार, महंगाई व बेरोजगारी को दूर करने को लेकर स्वच्छ छवि वाले लोगों को राजनीति में आगे लाना होगा तभी समाज व देश का विकास संभव हो सकेगा। पंवार ने इस महाभियान की सराहना करते हुए कहा कि पत्रिका ने सदेव जनहित के मुद्दों को उठाकर जनता को लाभान्वित करने का सराहनीय प्रयास किया है। अधिवक्ता महावीर अरोड़ा ने कहा कि राजनीति के अनुसार धर्म नहीं बल्कि धर्म के अनुसार राजनीति हो तो समाज स्वच्छ व स्वस्थ होगा। इससे देश तरक्की करेगा। शिक्षाविद् देवीलाल भार्गव ने कहा कि अच्छी छवि वाले व्यक्तियों को राजनीति में आने का मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में सकारात्मक बदलाव नहीं होने से देश की हालत बिगड़ती जा रही है। महिलाएं सरक्षित नहीं है। पर्व सरपंच छिन्द्रकौर ने कहा कि राजनीति के प्रभाव से बड़े ओहदे वाले लोगों को लाभ मिल रहा है जबकि गरीब आदमी दो जून की रोटी के लिए तरस रहा है। निजी विद्यालय के व्यवस्थापक मदनगोपाल ने कि शिक्षित, सूझवान व बेदाग व्यक्तियों को राजनीति में आगे लाना होगा। भागसर गोशाला सेवा समिति अध्यक्ष पृथ्वीराज बिश्नोई ने कहा कि राजनीति में बुराइयां होने के चलते सामाजिक बुराइयों ने समाज को खोखला कर दिया। पत्रिका के चेंजमेकर महाभियान से इसमें सुधार होगा। सरपंच इकबालशाह बोदला ने पत्रिका के चेंजमेकर महाभियान की सराहना करते हुए पत्रिका के इस प्रयास को समाज व देश के भले के लिए उठाया गया कदम बताया। चर्चा में उपसरपंच मुख्त्यारसिंह रायसिख, जल संरक्षण समिति अध्यक्ष मनीष आहूजा, स्वतंत्रता सेनानी अवतारसिंह, ग्रामीण जगदीश पुजारी, मोहनलाल, राकेश कुमार, नरपतसिंह जोधा, शिक्षक रामस्वरूप मांवर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मूर्तिदेवी, शारदा वर्मा आदि ने चेंजमेकर महाभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।
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