गांवों के सीमांकन में गड़बड़ी, 27 पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित, प्रशासन नहीं कर रहा सुुनवाई


खरलियां : पीलीबंगा तहसील की पंचायत खरलियां के 27 पात्र परिवार प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने से वंचित हो गए हैं। इसमें रोचक तथ्य यह भी है कि योजना का लाभ लेने में इन परिवारों की कोई गलती नहीं है कि जिसकी वजह से इनको अपात्र घोषित कर दिया गया हो। गलती है तो राज्य सरकार के नुमाइंदों की । जिनकी वजह से वर्ष 2011 की सूची में पात्र ये परिवार इस योजना का लाभ लेने से आज भी वंचित है। इसकी जो प्रमुख वजह जो सामने आई है वो यह है कि खरलियां पंचायत के वार्ड एक से पांच रेवन्यू चक के मुताबिक 15 एलजीडबल्यू सी पंचायत लिखमीसर में आते हैं। जबकि वास्तविक रूप से यह वार्ड खरलियां पंचायत के चक 15 एलजीडब्ल्यू बी में है। ऐसे में सीमाकंन सही नहीं होने के कारण ये 27 परिवार इस योजना में पात्र होने के बावजूद इसका फायदा नहीं ले पा रहे है। संबंधित समस्या को लेकर कलेक्टर, तहसीलदार तथा उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। वहीं काफी समय पहले मौजूदा तहसीलदार ने तो एक बार हल्का पटवारी को लेकर इन वार्डों का मौका मुआयना भी किया था। इसके बावजूद समस्या जस की तस है। 

सीमाकंन हो जाए तो मिलेगा लाभ 

"दोनों पंचायतों में सीमाकंन का निर्धारण हो जाए तो योजना से वंचित लाभार्थियों को पूरा-पूरा फायदा मिलेगा। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है।" राजवीरकौर सिद्धू, सरपंच पंचायत खरलियां 
डेढ़ लाख मिलती है लाभार्थी को राशि 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को डेढ़ लाख की राशि आवास निर्माण के लिए दी जाती है। ऐसे में लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपए केंद्र सरकार, सत्रह हजार दो सौ अस्सी रुपए मनरेगा के तहत तथा बाकी12 हजार रुपए स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के दिए जाते हैं। 
समस्या को लेकर उच्च अधिकारी नहीं गंभीर 
"दोनों पंचायतों में सीमाकंन को लेकर कलेक्टर, तहसीलदार आदि को कई बार लिखित तथा मौखिक में अवगत करवाया जा चुका है। इसके बावजूद उच्च अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। ऐसे में खरलियां पंचायत के पात्र लाभार्थियों को योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। "मीरादेवी परिहार, सरपंच पंचायत लिखमीसर 
तहसीलदार ने दिया गोलमाल जवाब
समस्या को लेकर पीलीबंगा तहसीलदार रामपाल मीणा ने इस बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा तथा इस गंभीर मुद्दे पर टाल-मटोल करते हुए गोलमाल जवाब दिया |
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